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नागपुर में ₹9.88 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील समेत 6 गिरफ्तार

by NagpurtakAdmin on | 2026-10-17 08:28:48

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नागपुर में ₹9.88 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील समेत 6 गिरफ्तार

नागपुर ग्रामीण पुलिस ने करीब 9.88 करोड़ रुपये की कथित साइबर ठगी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पीड़ित के बैंक खाते से RTGS ट्रांजैक्शन के जरिए करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में बॉम्बे और दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाला एक वकील भी शामिल है। पुलिस ने ठगी की रकम में से करीब 4.21 करोड़ रुपये फ्रीज और बरामद किए हैं।

OTP या संदिग्ध लिंक के बिना बैंक खाते से निकले करोड़ों रुपये

पुलिस के मुताबिक, यह कथित साइबर ठगी 4 से 6 जुलाई 2026 के बीच हुई। इस दौरान अज्ञात आरोपियों ने पीड़ित के बैंक खाते से RTGS ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 9,88,83,999 रुपये ट्रांसफर कर दिए।

इस मामले की खास बात यह है कि पीड़ित ने न तो किसी के साथ OTP साझा किया था और न ही किसी संदिग्ध लिंक को डाउनलोड किया था। इसके बावजूद बैंक खाते से इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर होने के बाद पुलिस को साइबर धोखाधड़ी के नए तरीके की आशंका हुई।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए SIM Swapping तकनीक का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। हालांकि, इस तकनीक के इस्तेमाल की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

ऑनलाइन शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

पीड़ित ने घटना के बाद नागपुर ग्रामीण के साइबर पुलिस स्टेशन में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर 8 जुलाई को वडोदा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया गया।

इसके बाद साइबर पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों और फिनटेक कंपनियों से जुड़े खातों की तकनीकी जांच शुरू की। जांच के सिलसिले में पुलिस की अलग-अलग टीमें दिल्ली, मुंबई और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भेजी गईं। इन कार्रवाइयों के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

उत्तर प्रदेश, मुंबई, ठाणे और झारखंड से आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हनुमान राम (26), रविकुमार यादव (24), अजीम मिठानी (26), मुकेशकुमार मिश्रा (41), राकेश सिंह (44) और अंकुर गोस्वामी (30) के रूप में की है।

पुलिस के अनुसार, हनुमान राम उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, रविकुमार यादव उत्तर प्रदेश के शिवनी, अजीम मिठानी मुंबई, मुकेशकुमार मिश्रा ठाणे जिले के मीरा रोड, राकेश सिंह झारखंड के पलामू जिले के बनियाडीह और अंकुर गोस्वामी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के नंदग्राम का निवासी है।

बॉम्बे और दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाला वकील गिरफ्तार

इस मामले में गिरफ्तार मुकेशकुमार शामशंकर मिश्रा पेशे से वकील है और बॉम्बे तथा दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करता है। पुलिस के अनुसार, वह साइबर अपराध से जुड़े मामलों को भी देख चुका है।

जांचकर्ताओं का आरोप है कि मिश्रा ने कथित धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए अन्य आरोपियों को मार्गदर्शन दिया और उन्हें निर्देशित किया। वह कथित तौर पर मुंबई स्थित Lawmatics नामक कानूनी फर्म भी संचालित करता है।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कथित ठगी की योजना कैसे बनाई गई, आरोपियों के बीच क्या भूमिका-विभाजन था और बैंक खातों से निकाली गई रकम को किन माध्यमों से आगे भेजा गया।

₹4.21 करोड़ की रकम फ्रीज और बरामद

पुलिस ने अब तक ठगी की रकम में से 4,20,61,162 रुपये फ्रीज और बरामद किए हैं। यह राशि लगभग 4.21 करोड़ रुपये है।

इसके अलावा, जांच एजेंसियां मुंबई और दिल्ली में सक्रिय आंगड़िया नेटवर्क तथा हवाला चैनलों के संभावित इस्तेमाल की भी जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और उसे आगे कहां भेजा गया।

फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस आरोपियों की भूमिका, ठगी के पूरे नेटवर्क और शेष रकम के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

नागपुर ग्रामीण में सामने आया यह मामला डिजिटल बैंकिंग के जरिए होने वाली करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की गंभीरता को उजागर करता है।

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